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Ludo Review: पंकज त्रिपाठी, राजकुमार राव, अभिषेक बच्चन एक अद्भुत और बेतुकी दुनिया में घुमा रहे हैं पासा

फिल्म लूडो के कलाकार- अभिषेक बच्चन, राजकुमार राव, पंकज त्रिपाठी, रोहित सर्राफ, फातिमा सना शेख, सान्या मल्होत्रा, पर्ल माने, इनायत वर्मा, आशा नेगी और शालिनी वत्स

निर्देशक- अनुराग बसु

लेखक- अनुराग बसु

स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म- नेटफ्लिक्स

फिल्म लूडो में चार तरह की कहानियां हैं जो लूडो के खेल के चार रंगों के समान हैं। फिल्म ‘लूडो’ की कहानी बैकग्राउंड में एक पुराने सीन से शुरू होती है। शहर का लोकल डॉन, सत्तू (पंकज त्रिपाठी), भगवान दादा का गाना ‘ओ बेटा जी’ गुनगुना रहा होता है, वह भी तब जब वह चालाकी और सफाई से हत्या नहीं करता है। बता दें कि भगवाद दादा का यह गाना फिल्म ‘अलबेला’ का है जो उनके करियर का सबसे हिट सॉन्ग रहा। अमिताभ बच्चन के डांस स्टेप्स आसानी से कॉपी करने वाला शख्स, जिसको शुरुआती करियर में इसी से पहचान मिलती है। नाम और शौहरत से वह सी-फेसिंग 25 रूम का बंगला तक जुहू में बनाता है। घर के आगे लाइन से फैन्सी गाड़ियां तक खड़ी रहती हैं। और फिर, एक दिन जिंदगी में त्रासदी होती है, जिसमें वह ये सब ऐशो-आराम खो बैठता है। जो व्यक्ति अपनी जिंदगी शानदार (लैविश) तरह से एंजॉय कर रहा होता है, एक ही दिन में चौल (मुंबई में स्थित एक छोटा सा कमरा) में आ जाता है। दोस्तों द्वारा दिए जाने वाले छोटे-मोटे रोल्स फिल्मों में करना शुरू कर देता है। अनुराग बसु इस गाने को फिल्म में कई बार से दिखाने के लिए इस्तेमाल करते हैं कि नियति कितनी कठोर हो सकती है। अपने बोल और आत्मा की तरह से गाना इस फिल्म का रूपक बन जाता है।

फिल्म में कहीं-कहीं खामियां होने के बावजूद इसके पात्र फिल्म की लय को बनाए रखते हैं। अभिषेक बच्चन, राजकुमार राव, पंकज त्रिपाठी, रोहित सर्राफ, फातिमा सना शेख, सान्या मल्होत्रा के साथ फिल्म की दुनिया सेट होने में और इनका आपस में संबंध पता चलने में कुछ वक्त लगता है। मनुष्य के जीवन को एक्शन और रिएक्शन कैसे प्रभावित करते हैं फिल्म उसी को दर्शाने का एक प्रयास करती है। फिल्म के सभी पात्र लूडो के खेल के चार रंगों को दर्शाते हैं और पंकज त्रिपाठी पासे की भूमिका निभाते हैं। फिल्म को ये पासा ही आगे बढ़ाता है ठीक वैसे ही जैसे लूडो के खेल में पासे के सहारे ही खेल आगे बढ़ता है।

फिल्म तेजी से आगे बढ़ती है जब सत्तू एक लोकल बिल्डर का मर्डर कर देता है। फिर वह इकलौते चश्मदीद और मॉल के एक कर्मचारी को अगवा भी कर लेता है। इसके बाद कहानी कैसे आगे बढ़ती है यह देखना दिलचस्प है। अगली कहानी है सान्या मलहोत्रा और आदित्य रॉय कपूर की। इन दोनों का सेक्स टेप लीक हो गया है और इनकी मदद करने के लिए आते हैं पंकज त्रिपाठी। अभिषेक बच्चन जो कि कभी सत्तू का दायां हाथ माने जाते थे, क्राइम की दुनिया छोड़ चुके हैं। पिछड़ी जिंदगी अभिषेक के किरदार को कैसे वापस परेशान करेगी यह जानने के लिए तो आपको फिल्म देखनी ही पड़ेगी।

फिल्म गुथी हुई है क्योंकि दर्शकों की दिलचस्पी को बनाए रखती है। फिल्म में रोमांस, ड्रामा, कॉमेडी, थ्रिल, है। यह स्लाइस ऑफ लाइफ ड्रामा है। यानी जीवन के किसी एक हिस्से को इसमें बखूबी दर्शाया गया है। फिल्म की दुनिया अद्भुत और बेतुकी जरूर है लेकिन दर्शकों को स्क्रीन से बांधे रखने में कामयाब रहती है। फिल्म में सभी कलाकारों का अभिनय शानदार है। पंकज त्रिपाठी का किरदार मजेदार है। वक्त निकाल कर आप भी इस फिल्म को देख डालिए।

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