Home / हेल्थ-फिटनेस / Hormonal Imbalance: क्या है हार्मोनल इम्बैलेंस और उसके लक्षण !

Hormonal Imbalance: क्या है हार्मोनल इम्बैलेंस और उसके लक्षण !

हार्मोन आपके स्वास्थ्य में मेजर रोल प्ले करते हैं। आखिरकार, ये आपके शरीर के ज़्यादातर ऑर्गन्स के कामकाज को अफेक्ट करता हैं। हार्मोनल इम्बैलेंस कई वजहों से हो सकता है, जैसे, हमारे एनवायरनमेंट में चेंजेस या हमारे शरीर में होने वाले चेंजेस, आदि। हार्मोन आपके मेटाबोलिज्म, ग्रोथ, रिप्रोडक्टिव फंक्शन्स , आदि को इम्पैक्ट करता हैं। आकड़ों के मुताबिक, 80 परसेंट महिलाएं हार्मोनल इम्बैलेंस से जूझ रही हैं। कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं जिन्हे हार्मोनल इम्बैलेंस है लेकिन उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसके अलावा, 70 परसेंट महिलाएं पीसीओएस जैसी कंडीशन से जूझ रही हैं लेकिन वो इस बीमारी से पूरी तरह से अनजान हैं। इसीलिए आज के लेख में हम आपको बताएँगे हार्मोनल इम्बैलेंस और उसके लक्षण के बारे में, जिन्हे जानना हर महिला के लिए बहुत ज़रूरी है और इससे भी ज़्यादा इसके कारणों को बाकि महिलाओं तक पहुँचना ज़रूरी है।

क्या है हार्मोनल इम्बैलेंस ?

महिलाओं में हार्मोनल इम्बैलेंस तब होता है जब हार्मोन, ब्लड स्ट्रीम में नॉर्मल लेवल से ज़्यादा या कम हो जाता हैं। हार्मोन, एंडोक्राइन सिस्टम में ग्लांड्स द्वारा प्रोडूस किया गया केमिकल होता हैं जो आपकी सेल्स, टिश्यू और ऑर्गन्स को उनका काम बताता है। हार्मोन, शरीर का तापमान, तनाव, हार्ट रेट, रिप्रोडक्टिव साइकिल, मेटाबोलिज्म, आदि जैसे शरीर के कई ज़रूरी फंक्शन्स को रेगुलेट करने में मदद करता हैं।

हार्मोनल इम्बैलेंस और उसके लक्षण

लक्षण :

फर्टिलिटी प्रॉब्लम

हार्मोनल इम्बैलेंस की वजह से महिलाओं को फर्टिलिटी हो सकती है और लगातार हार्मोनल लेवल के बदलने की वजह से, एक महिला की फर्टिलिटी 35 वर्ष की ऐज के बाद नैचुरली गिर जाती है। हाई लेवल के फॉलिकल स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन, महिला के गर्भवती होने की संभावना को कम कर सकते हैं जबकि लुटेनाइज़िंग हॉर्मोन का कम लेवल भी, फर्टिलिटी की प्रॉब्लम पैदा कर सकता है। इसके अलावा, मीनोपॉज और पीसीओएस जैसे दूसरे हार्मोन कंडीशंस  आपकी फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकते हैं।

हार्मोनल इम्बैलेंस और उसके लक्षण

वजन बढ़ना

वजन बढ़ना, हार्मोनल इम्बैलेंस के लक्षणों में से एक है। कई महिलाएं कई हफ्ते और महीने एक्सरसाइज करने के बाद या स्ट्रिक्ट डाइट लेने के बाद भी अपना वज़न कम करने में नाकाम हो जाती है और यह हार्मोनल इम्बैलेंस की वजह से होता है। थायरॉयड, पीसीओएस और मीनोपॉज जैसी हार्मोनल कंडीशंस की वजह से आपका वज़न बढ़ सकता है।

हार्मोनल इम्बैलेंस और उसके लक्षण

स्किन प्रॉब्लम

मुँहासे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के कम लेवल और एंड्रोजन हार्मोन के हाई लेवल का संकेत हो सकते है और यह पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम का भी संकेत दे सकता है। इसी तरह, गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल इम्बैलेंस या मीनोपॉज की वजह से आपको त्वचा पर काफी ज़्यादा खुजली हो सकती है जबकि ड्राई त्वचा मेनोपॉज़ या थायराइड की वजह से हो सकती है।

हार्मोनल इम्बैलेंस और उसके लक्षण

भारी और दर्दनाक पीरियड्स

भारी और दर्दनाक पीरियड्स काफी सामान्य हैं और अक्सर ज़्यादातर महिलाएं इससे जूझती भी हैं, लेकिन फिर भी ये खतरनाक हो सकते हैं। भारी और दर्दनाक पीरियड्स फाइब्रॉएड की वजह से हो सकते है। इसे मेडिकल और सर्जिकल ट्रीटमेंट से कंट्रोल किया जा सकता है।

हार्मोनल इम्बैलेंस और उसके लक्षण

बाल झड़ना

गर्भावस्था और पीसीओएस की वजह से आपको बालों के झड़ने की प्रॉब्लम हो सकती है। सोरायसिस और सेबोरहाइक डर्मेटाइटिस जैसी त्वचा की कंडीशंस भी बालों के झड़ने का कारण बन सकती है।

हार्मोनल इम्बैलेंस और उसके लक्षण

हार्मोनल इम्बैलेंस को बैलेंस करने के नेचुरल तरीके :

  • अपने जीवन से तनाव को कम करने की कोशिश करें।
  • ज़्यादा से ज़्यादा व्यायाम करें।
  • शुगर और रिफाइंड कार्ब्स से बचने की कोशिश करे।
  • ग्रीन टी पिएं
  • हेल्थी फैट का सेवन करें
  • एक अच्छी और बेहतर नींद लें
  • अंडे का सेवन करें।

आज के लेख में हमने आपको हार्मोनल इम्बैलेंस और उसके लक्षण के बारे में जानकारी दी है। हार्मोन इम्बैलेंस एक नार्मल कंडीशन है जो एक महिला के जीवन के कई पहलुओं को अफेक्ट कर सकती है। अगर आपको अपने अंदर ऊपर बताया गए कोई भी लक्षण में से एक भी लक्षण नज़र आता है तो आप अपने डॉक्टर तुरंत कंसल्ट करें।

Check Also

डिजिटल मार्केटिंग के फील्ड में बनाएं कॅरियर, कमाएंगे लाखों हर महीने

इस समय देश और दुनिया में डिजिटल मार्केटिंग बहुत बढ़िया कॅरियर के रूप में दिखाई दे रहा ...