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Easy Ayurvedic Treatment of Sinus : साइनस से बचने के कमाल के आयुर्वेदिक तरीके

साइनस एक आम बीमारी है जो ठंड, प्रदूषण, एलर्जी और इन्फेक्शन की वजह से हो सकती है। इसमें बुखार, शरीर में दर्द, सिर दर्द, चेहरे में दर्द, खांसी, बहती नाक और नाक बंद होना हो सकते हैं।

इसमें सबसे ज्यादा गंभीर सिर दर्द, खर्राटे और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं भी हो सकते हैं।

sinus

4 तरीके के साइनस की समस्या:-

तेज साइनस (Acute Sinus) :

आमतौर पर यह 4 हफ्ते या उससे कम टाइम तक रहता है।

कम तेज साइनस (Sub Acute Sinus) :  

यह लगभग चार से आठ ‌हफ्ते तक रहता है।

क्रॉनिक साइनस (Chronic Sinus) :

क्रॉनिक साइनस का मतलब होता है पुराना साइनस यह 8 हफ्ते या उससे ज़्यादा टाइम तक रहता है।

सूजन वाला साइनस (Recurrent Inflammation) :

यह 1 साल में कई बार हो सकता है| इसमें शरीर के किसी हिस्से पर सूजन हो जाती हैं।

साइनस किसी भी उम्र और तरह के लोगों को हो सकता है। हालांकि यह छोटे बच्चों और अस्थमा के मरीजों को बहुत जल्दी हो जाता है।

साइनस मे क्या क्या खाना चाहिये?

  1. साइनस में ज्यादा ऑयली, मसालेदार, बहुत ज्यादा गर्म या बहुत ज्यादा ठंडा खाना नहीं खाना चाहिए।
  2. साइनस के मरीजों को गरम मसाले, कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम खाने से बचना चाहिए।
  3. साइनस में बिल्कुल हल्का खाना खाना चाहिए जो आसानी से पच सके
  4. इसमें खिचड़ी और दलिया जैसे हल्के खाने की खाने चाहिए क्योंकि आसानी से बच जाते हैं
  5. यह परेशानी होने पर हरी सब्जियां और फलों को भी अपने खाने में शामिल करना चाहिए
  6. केला, बैंगन, बेल मिर्च और टमाटर जैसे चीज़ो से बचना चाहिए क्योंकि ये साइनस को बढा सकते हैं।

कुछ आयुर्वेदिक सुझाव:‌-

1. शहद और अदरक का जूस

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सामग्री:

  • 1 अदरक
  • 2 चम्मच शहद

तरीका:

  • अदरक के एक टुकड़े को पीसकर उसका रस निकाल लें।
  • इस रस मे शहद को अच्छी तरह से मिला ले।
  • इससे दिन में कम-से-कम एक बार ज़रूर पिये।

2. तुलसी का जूस

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सामग्री:

  • 4 गिलास पानी
  • 4-5 तुलसी के पत्ते
  • 5-6 पुदीने के पत्ते
  • 2 लौंग
  • 1 टुकडा अदरक

तरीका:

  • सारे पानी को एक पतीले मे उबालें।
  •  उसमें तुलसी के पत्ते, पुदीने की पत्तियाँ, दो लौंग और अदरक का एक टुकड़ा डालें।
  • इसे ठंडा होने दें और ठंडा होने के बाद इसको पिले।

3. भाप लगाना

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सामग्री:

  • 4-5 कप पानी
  • 3-4 पुदीने की पत्तिया
  • 2 बूंद नीलगिरी का तेल
  • 1 चम्मच अजवाइन

तरीका:

  • एक पतीले में पानी गर्म करें।
  • जब पानी उबल जाए उसमें 3-4 पुदीने की पत्ती डालें।
  • फिर उसमें नीलगिरी के तेल की दो बूंद डालें।
  • इसके बाद इसमें एक चम्मच अजवाइन डालें।
  • 2 मिनट बाद इसको गैस से नीचे उतार लें।
  • इस गर्म पानी के ऊपर अपने चेहरे को ले आए। अपने सर के ऊपर एक तौलिया लपेट लें और इस पानी की भाप को सांस की तरह ले।
  • इससे साइनस की परेशानी खत्म हो जाती है और नाक खुल जाती है।

जल नेति:

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  •  जलनेति एक योगिक क्रिया है इससे शरीर के अंदर की सफाई की जाती है।
  • इसका काम नाक से लेकर दिमाग तक के बीच में आने वाले रास्ते बीच आने वाली रुकावट को साफ करना है ताकि सांस लेने में कोई परेशानी ना हो।
  • यह आयुर्वेदिक क्रिया बलगम को हटाने और रुकावटों को साफ करने में मदद कर सकती है।इस क्रिया के नियमित अभ्यास से साइनस संक्रमण होने की संभावना कम हो जाती है।

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