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रियल लाइफ स्टार:डॉक्टर भी हैं एक्टर विनीत कुमार, ऑनलाइन कर रहे लोगों की मदद; एक्ट्रेस प्रीति नर्स बन कर रहीं कोरोना मरीजों का इलाज

  • हिमाचल की प्रीति नर्सिंग पढ़ने के बाद एक्ट्रेस बनने आई थीं, लेकिन शूट बंद हुए तो कोविड सेंटर में नर्स बनीं
  • मुक्केबाज समेत और फिल्मों के एक्टर विनीत डॉक्टर भी हैं, खुद पॉजिटिव होने के बाद लोगों को ऑनलाइन कंसल्ट रहे हैं

हिन्दी फिल्मों में हमने एक्टर्स को डॉक्टर का रोल करते देखा है, लेकिन इंडस्ट्री में कुछ एक्टर्स ऐसे भी हैं जो वाकई मेडिकल सर्विसेज से जुड़े हैं और कोरोना के इस भयानक दौर में एक्टिंग की बजाय लोगों के इलाज और मेडिकल हेल्प में लगे हैं। ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’, ‘मुक्केबाज’, ‘गोल्ड’, ‘बॉम्बे टॉकीज’ और ‘सांड की आंख’ जैसी फिल्मों के एक्टर विनीतकुमार सिंह पेशे से डॉक्टर भी हैं और अभी खुद कोविड पॉजिटिव होते हुए भी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को कंसल्ट कर रहे हैं।

खुद हेल्पलेस हो गया तब आम आदमी का ख्याल आया
विनीतकुमार सिंह ने ‘भास्कर’ को बताया कि मैं अभी बनारस में कोविड से रिकवर हो रहा हूं। मेरे परिवार में भी सभी लोग पॉजिटिव हो गए हैं। इस दौरान मुझे फिजिकली और मेंटली बहुत सारी तकलीफें उठानी पड़ीं। मुझे कुछ एंटीबायोटिक की जरूरत थी, लेकिन नहीं मिल रही थी। आखिर पंकज त्रिपाठी जी ने मेरी मदद की। तभी मुझे ख्याल आया कि मैं खुद डॉक्टर हूं, मेरी इतनी पहचान है, मेरे तो कितने सारे दोस्त डॉक्टर हैं। फिर भी हमें इतनी तकलीफ हुई, हम एक तरह से हेल्पलेस ही हो गए थे। तब मुझे ख्याल आया कि आम आदमी का क्या हाल हुआ होगा।

तब से मैं सोशल मीडिया पर एक्टिव हूं। लोगों को ऑनलाइन गाइड कर रहा हूं। कई शहरों में मेरे डॉक्टर मित्र हैं। उन सबसे कनेक्ट करके मैं दवाई, बेड और दूसरी चीजें अरेंज करवा रहा हूं। किसी को भी किसी भी तरह की मदद या परामर्श की जरूरत है तो मुझे सोशल मीडिया पर संपर्क कर सकता है। मैं अगर उनके कुछ काम आ सका और कुछ बेहतर कर पाया तो समझूंगा, जीवन में कुछ सार्थक कर पाया।

एक्टिंग बाद में हो जाएगी, मै शपथ अनुसार पहले नर्स का फर्ज निभाऊंगी

हिमाचल प्रदेश के मंडी की प्रीति वर्धन ने हरियाणा में नर्सिंग में डिप्लोमा किया और कुरुक्षेत्र में राधाकिशन चिल्ड्रन हॉस्पिटल में नर्स के रूप में तीन साल काम भी किया। बाद में मध्यप्रदेश के ग्वालियर के नर्सिंग में पोस्ट ग्रेजुएशन करके वे मुंबई आ गईं। यहां 2018 से वो कोकिलाबेन हॉस्पिटल में नर्सिंग की जॉब करने लगी। शुरू से मॉडलिंग और एक्टिंग में इंटरेस्ट था ,तो साथ साथ मॉडलिंग और थियेटर भी करने लगीं। एक्टिंग में करियर बनाने के लिए ऑडिशन भी देती रहती थी। फिर पिछले ही साल जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमएससी किया। फिर मुंबई आकर ऑडिशन और एड शूट करने लगी। कुछ वेब सीरिज और टीवी शूट में काम भी मिलने लगा।

कोविड केयर सेंटर में अपनी नर्स दोस्तों के साथ प्रीति।

कोविड केयर सेंटर में अपनी नर्स दोस्तों के साथ प्रीति।

‘भास्कर’ के साथ बातचीत में प्रीति ने बताया कि यहीं से अचानक मोड़ आ गया। कोविड की वजह से शूट का काम बंद हो गया। यहां के सारे दोस्त अपने अपने घर चले गए।

जहां मैं रहती थी देखा कि वहां एक आंटी की डेथ हो गई, जो काफी यंग थीं। वह मुझे बेहद प्यार करती थीं। तब मैंने सोचा कि मैं घर पर नहीं बैठूंगी। कुछ मदद करूंगी। तब मैंने पता किया कि मुंबई के बांद्रा बीकेसी में एक जंबो कोविड सेंटर बनाया गया है। जहां एक्सपीरियंस हो ऐसी बहुत सारी नर्स की जरूरत है, लेकिन मिल नहीं रही। पिछले साल जून में मैंने जंबो कोविड सेंटर नर्सिंग स्टाफ के रूप में ज्वॉइन किया। मैं दिन-रात कोविड पेशेंट्स के साथ काम करने लगी। उनके ट्रीटमेंट के साथ उनको मोटीवेट भी करने लगी। मेरी मेहनत और डेडीकेशन को देखकर डीन डॉ. राजेश डेरे सर ने मुझे नर्सिंग सुपरवाइजर बना दिया। इससे मेरा मोटीवेशन बढ़ा। तब से लेकर मैं लगातार दिनरात जुटी हूं। ईश्वर की कृपा से मुझे अभी तक कोविड नहीं हुआ। मैं पेशेंट को भी बता रही हूं कि सिर्फ सावधानी बरतिए, खुश रहिए ताे आप इससे जीत सकते हैं। इस दूसरे चरण में कोविड ने अपना विकराल रूप ले लिया है। लगातार मरीज बढ़ रहे हैं। मैंने बहुत सारी मौतें देखी हैं। मन भी विचलित हुआ लेकिन मेरा हौसला नहीं।

पैरेंट्स डर गए थे लेकिन अब सुकून है
मेरे पापा रविंद्र कुमार वर्धन और मम्मी कौशल्या वर्धन और दूसरे रिश्तेदार भी शुरू में डरते थे। सब बोलते थे तुम एक्टिंग छोड दो और घर वापस आ जाओ। सब ठीक हो जाए बाद में मुंबई चली जाना। पर मैंने मेरे पेरेंट्स और रिश्तेदारों को समझाया कि हमें नर्सिंग में शपथ दिलाई गई थी कि आपको कहीं भी मौका मिले तो मरीज की मदद करना है और इलाज में पीछे नहीं हटना है। मुझे ये शपथ अदा करने का अवसर मिला है तो मैं ये काम के लिए यहीं रहूंगी ।

अब भी मेरे पेरेंट्स को डर तो लगता भी है पर साथ में सुकून भी है कि बेटी कुछ अच्छा काम कर रही है। मैंने तय कर लिया है कि सब ठीक हो जाएगा तो शूटिंग तो ज्वॉइन करना ही है पर जब जब नर्सिंग में मेरी कहीं भी जरूरत होगी वो भी करूंगी।

बॉलीवुड के असली डॉक्टर

एक्टर श्रीराम लागू को डॉ. श्रीराम लागू के नाम से ही जाना जाता था। वो ईएनटी के स्पेशियालिस्ट थे। रंगभूमि और फिल्मों में उन्होंने दशकों तक कई सारे किरदार निभाए। अदिती गोवत्रीकर भी क्वालिफाइड गायनोलॉजिस्ट हैं। वो अभी सायकोलोजिस्ट के तौर पर भी काम कर रही हैं।

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