Home / धर्म / ये 3 लोग होते है सर्प के समान, जल्द बनाएं दुरी नहीं तो हो सकता हैं खतरा

ये 3 लोग होते है सर्प के समान, जल्द बनाएं दुरी नहीं तो हो सकता हैं खतरा

आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति के जरिये जीवन की कुछ दिक्कतों के हल की तरफ ध्‍यान दिलाया है, वहीं उन्‍होंने दुष्‍ट व्यक्तियों की पहचान तथा जीवन में सुखी रहने के लिए कई बातों के साथ कई दिक्कतों के निवारण भी बताए हैं. उन्‍होंने समस्यां में घिरे लोगों को समस्याओं से निकलने के कई मार्ग बताए हैं. आचार्य चाणक्य एक कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ, प्रकांड अर्थशास्त्री के तौर पर विश्व में जाने जाते हैं. आज भी उनके बताए सिद्धांत तथा नीतियां प्रासंगिक हैं. आपको भी अवश्य जाननी चाहिए ये बातें-

इनके साथ रहना मौत के समान:

चाणक्‍य नीति के मुताबिक, यदि किसी की पत्‍नी दुष्ट है, दोस्त झूठा है, नौकर लुटेरे है, तो इंसान को इनके साथ नहीं रहना चाहिए. उन्‍होंने इनको सर्प की भांति बताया है और बोला है कि सर्प के साथ निवास साक्षात् मृत्यु के समान है.

समस्यां के लिए धन संचय आवश्यक:

आचार्य चाणक्‍य बताते हैं कि मनुष्य को आने वाली परेशानियों से निपटने के लिए धन संचय करना चाहिए. साथ-साथ उसे धन-सम्पदा त्यागकर भी पत्नी की सुरक्षा करनी चाहिए. ऐसा न सोचें की धनवान शख्स को मुसीबत कैसी? जब धन साथ छोड़ता है, तो संगठित धन भी रफ़्तार से घटने लगता है.

ऐसे जगह पर ना रहें:

चाणक्‍य नीति में बोला गया है कि उस देश मे न रहें जहां आपका कोई आदर न हो. जहां आप रोजगार नहीं कमा सकते, जहां आपका कोई दोस्त नहीं हो तथा जहां आप कोई ज्ञान प्राप्त नहीं कर सकते.

ऐसी जगह पर करें निवास:

आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि ऐसेस्थान पर रहना चाहिए जहां ये पांच लोग अवश्य हों. एक धनवान शख्स हो, एक ब्राह्मण जो वैदिक शास्त्रों में निपुण हो, एक राजा हो, एक नदी तथा एक डॉक्टर अवश्य हो.

इन लोगों की लें परीक्षा:

चाणक्‍य नीति में बोला गया है कि नौकर की इम्तिहान तब करें जब वह कर्त्तव्य का पालन न कर रहा हो, संबंधियों की इम्तिहान तब करें जब आप कठिनाई मे घिरें हों, मित्र की इम्तिहान उल्टा हालातों में करें और जब आपका समय अच्छा न चल रहा हो, तब पत्नी की इम्तिहान करे.

Check Also

ब्रह्मा से वरदान मांगते समय रावण ने की यह एक गलती, न करता तो उसे कोई मार नही सकता था।

रावण पूरे विश्व और हर लोक को अपने अधीन करने चाहता था। वो विश्व विजेता ...