Home / मनोरंजन / यादों में ऋषि कपूर:‘अग्निपथ’ से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली भोपाल की कनिका ने कहा ऑन स्क्रीन बहुत बुरे दिखने वाले रऊफ लाला ने सेट पर मेरी बहुत केयर की

यादों में ऋषि कपूर:‘अग्निपथ’ से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली भोपाल की कनिका ने कहा ऑन स्क्रीन बहुत बुरे दिखने वाले रऊफ लाला ने सेट पर मेरी बहुत केयर की

फिल्म अग्निपथ के एक सीन में ऋषि कपूर के साथ कनिका तिवारी। - Dainik Bhaskar

फिल्म अग्निपथ के एक सीन में ऋषि कपूर के साथ कनिका तिवारी।

एक जमाने के चॉकलेटी हीरो ऋषि कपूर ऋतिक रोशन की ‘अग्निपथ’ में रऊफ लाला के किरदार में ऐसे ढले कि उनका नेगेटिव रोल भी अवॉर्ड विनिंग हो गया। यही तो उनकी अदाकारी का कमाल था। इस फिल्म में भोपाल की कनिका तिवारी ऋतिक रोशन की बहन शिक्षा के रोल में थीं। कनिका का ये बॉलीवुड में डेब्यू था और पहली ही फिल्म में ऋषि जैसे नामी एक्टर के काम करना था। कनिका दैनिक भास्कर से बातचीत में बताती है कि ऋषि जी ने सेट पर मेरी नर्वसनेस दूर करने में मदद की और मुझे काफी बातें भी सिखाईं।

पहला सबक था टाइम इज मनी
कनिका बताती है कि ‘अग्निपथ’ के लिए मेरी कास्टिंग हो चुकी थी लेकिन अभी लुक टेस्ट बाकी था। मेरा लुक टेस्ट ऋषि जी के साथ होगा, ये तय था लेकिन मेरी मुंबई की फ्लाइट डिले हो गई। हम दो घंटे लेट पहुंचे। ऋषि जी इंतजार कर रहे थे। मैं तब डर गई थी कि इतने बड़े स्टार को मेरे जैसी न्यू कमर के लिए इंतजार करना पड़ा, वो बहुत गुस्सा होंगे लेकिन वो एकदम नॉर्मल थे। सिर्फ इतना ही बोले कि कोई बात नहीं, लेकिन जीवन में याद रखना, टाइम इज मनी। उन्होंने बताया, उसके अनुसार आज भी सेट पर मैं सबसे पहले पहुंचती हूं, ये उनसे ही सीखा है।

खुद मुझे आइस पैड लगाया और सॉरी बोले
कनिका बताती है कि लुक टेस्ट के बाद शूटिंग पर मेरा पहला ही शॉट उनके साथ था जिसमें वो मुझे खींचकर ले जाते है। वो बहुत नेचुरल एक्टिंग करते थे। तीन-चार दिन हमारे शॉट थे। उन्होंने मुझे पहले बोला था कि मैं थोड़ा नेचुरली खीचूंगा, संभाल लेना। मैं नई थी, क्या बोलती। जब वो खींचते तो स्ट्रगल के कारण मेरे हाथ में ब्लड क्लॉट हो जाता। जब कट होता था, तब स्पॉट दादा मुझे आइस पैक और कॉटन देते थे। तब मैं 14 साल की थी। एक दिन ऋषि जी ने देखा कि उनके खींचने पर मेरे हाथ में नीले-नीले निशान पड़ गए थे। तब वो मेरे पास आए और बोला तकलीफ हो रही थी तो बोला क्यों नहीं बेटा। तब उन्होंने प्रोडक्शन वालों से आइसपैक बुलाया और अपने हाथों से सिकाई की और बोले सॉरी, लेकिन मैं बोली कोई बात नहीं। वो मेरा लाइफटाइम एक्सपीरियंस रहा।

लोग बोलते थे, तब मैं भी सोचती थी कि बड़े स्टार अपनी वैनिटी में होते हैं, छोटे कलाकारों से मिलते नहीं। लेकिन, उस घटना ने मेरी सोच बदल दी कि इतने बड़े स्टार इतने अच्छे इंसान हैं। फिल्म में वो बेहद डरावने लग रहे थे, सीन में भी उनको देखकर डर लग रहा था, लेकिन शूटिंग के बाद वे बेहद नॉर्मल मस्त सबसे बात करते थे।

इतनी छोटी लडकी के सामने मैं गंदे डायलॉग नहीं बोलूंगा
मुझे खींचते हुए ले जाने वाले सीन में ऋषि जी को बेहद गंदे डायलॉग दिए गए थे। रऊफ लाला के किरदार में वो मुझे कोठे पर बेचने जा रहे थे और उन्हें बहुत ही गंदी-गंदी बातें बोलनी थी। जब उन्होंने वह डायलॉग पढ़े तो उसमें थोड़ा सा करेक्शन करवाते हुए बोला यह बहुत ज्यादा ही वल्गर है। मैं इसमें से कुछ कट कर देता हूं, क्योंकि सामने बहुत छोटी लड़की है। मैं इतना बोलूंगा कि जो मेरे किरदार पर फिट बैठे और पूरी क्रूरता और नीचता को भी दिखाए। मैं हैरान थी कि वह इन सबके बारे में भी सोचते हैं। वो तो एक्टर हैं, बोल सकते थे।

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