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मदर्स डे पर खास बातचीत:जरीन खान बोलीं-मेरा सब कुछ मेरी मां से शुरू और उन्हीं पर खत्म होता है, क्रांति प्रकाश झा ने कहा-मां से ही जुड़ा है मेरा अस्तित्व

दुनिया भर में हर साल मई महीने के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है। यह दिन माताओं को समर्पित होता है। इस दिन मां के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर उनके अथाह प्यार और स्नेह के लिए उन्हें धन्यवाद दिया जाता है। इस अवसर पर आज कई बॉलीवुड सिलेब्रिटीज ने भी अपनी मां को याद करते हुए उनके साथ अपने रिश्ते, यादगार वाक्य आदि दैनिक भास्कर के साथ शेयर किए हैं। पढ़िए, स्टार्स की मां के साथ की कहानी, उन्हीं की जुबानी…

मेरा सब कुछ मेरी मां से शुरू और उन्हीं पर खत्म होता है: जरीन खान
मदर्स डे पर मां के साथ कोई भावुक क्षण के बारे में पूछे जाने पर जरीन खान ने कहा, “मेरे लिए तो हर दिन मदर्स डे है। फिर तो उन्हें मेरी जिंदगी बोलो, मेरी दुनिया बोलो… सब कुछ मेरी मां है। मेरा सब कुछ मेरी मां से शुरू होता है और मेरी मां पर ही खत्म होता है। मेरे लिए पर्टिकुलर एक दिन मदर्स डे नहीं, बल्कि हर दिन मदर्स डे होता है। मेरा हमेशा से यही सपना रहा है कि उन्हें खुश रख सकूं। उनको अपने ऊपर प्राउड फील करवा सकूं। मैं यह काफी हद तक कर भी पा रही हूं।”

कभी पर्दे पर देखकर मां का कोई खास रिएक्शन रहा हो, इसके जवाब में जरीन ने कहा, “मेरी मां बहुत सिंपल मम्मी हैं। उनको मेरे वर्क के बारे में इतना ज्यादा कुछ नॉलेज नहीं है। हम बहुत सिंपल बैकग्राउंड से आते हैं। अभी भले ही मैं इस इंडस्ट्री का हिस्सा हूं, जिसके बारे में लोगों को लगता है कि बहुत ग्लैमरस लाइफ जीते होंगे। लेकिन मैं मिडिल क्लास बैकग्राउंड से आती हूं और इतना होने के बावजूद उससे जुड़े हुए हैं। ग्राउंडेड होने की वजह से मेरी मम्मी हर छोटी-छोटी चीज से खुश हो जाती हैं। मेरी कोशिश रहती है कि उनके चेहरे पर मुस्कुराहट हमेशा बनी रहे।”

मां की वजह से जल्दी मैच्योर हो गई हूं: मिनिषा लांबा
मिनिषा लांबा ने अपनी मां के बारे में बताया, “मेरी मम्मी मेरे साथ हमेशा बड़ों जैसी बातें करती आई हैं। उन्होंने कभी मुझे बच्चा नहीं समझा। वे जिस तरह से लाइफ के बारे में बातें करती थीं, सलाह देती थीं। ऐसी सलाह देती थीं, जैसे अपनी छोटी बहन को सलाह दे रही हों। मुझे लगता था कि बहुत जल्दी चीजों को मेरी मां ने मुझे समझाया, जो मेरे लिए अर्ली लाइफ में बहुत मददगार साबित हुआ। मैं जल्दी मैच्योर हो गई। चीजों के बारे में जल्दी समझ आ गई, क्योंकि मेरी मां ने बच्ची की तरह ट्रीट नहीं किया।”

फिल्म लाइन में आने का फैसला हो या फिर लाइफ में हस्बैंड से अलगाव की बात हो, मां की सीख कितनी काम आई? इसके जवाब में मिनिषा लांबा ने कहा, “मां ने हमेशा सपोर्ट किया। मेरी खुशी के लिए साथ खड़ी रहीं। मम्मी-पापा का सपोर्ट ही था कि 18 साल की उम्र में घर से निकली। कॉलेज करने गई, तब दिल्ली में अकेली रहती थी। उसके बाद मुंबई करियर बनाने आ गई। इस तरह बहुत जल्दी आत्मनिर्भर हो गई थी। मां हमेशा यही समझाती थी कि अगर लाइफ में काम करना चाहती हो, डिसीजन खुद लेना चाहती हो, तो आप में आत्मविश्वास होना चाहिए। तभी खुद के पैरों पर खड़ी हो सकती हो। इसके लिए सही-गलत का फैसला खुद लेना पड़ेगा, ताकि अपनी लाइफ में खुश रहो। मैं एक्टर बनना चाहती थी, तब भी मां ने सपोर्ट किया। मुंबई आई, तब यहां किसी को नहीं जानती थी। मुझे याद है, मुंबई में छह अन्य लड़कियों के साथ पीजीआई में रहती थी। स्ट्रगल किया और यहां तक पहुंची। मैंने जो भी किया है, खुद ही किया है। यह सब इसलिए संभव हो पाया, क्योंकि बचपन से मेरी मम्मी ने मुझे आत्मनिर्भर होना सिखाया है।”

मिनिषा लांबा ने कहा, “लाइफ में हस्बैंड से अलग होने की बात पर भी उनका सपोर्ट मिला। इंसान की रिलेशनशिप ऐसी होना चाहिए, जिसमें खुशी मिले। हमें पहले यही सिखाया जाता था कि आपको सेटिस्फाई करना चाहिए। यह सिर्फ आपकी खुशी के बारे में नहीं, बल्कि पूरे परिवार की खुशी के बारे में है। लेकिन आजकल नया ट्रेंड शुरू हुआ है। आपकी खुद की जिम्मेदारी कि सबसे पहले अपने आपको खुश रखें। पहले आप खुश रहो। आपकी आत्मा को शांति मिलनी चाहिए। यह नया ट्रेंड पूरी दुनिया में आया है, जो सिखा रहा है कि पहले अपने आपसे प्यार करो। अगर आप अपने आपसे प्यार नहीं करोगे, तो आपकी जिंदगी में कुछ भी सही नहीं होगा। आजकल लोग इसी बात को मानने लगे हैं। पहले लोग कई सालों तक एक ही काम में रहते थे, उसे छोड़ते नहीं थे। लेकिन आज अगर वे अपने काम से खुश नहीं होते हैं, तब उसे छोड़ देते हैं। मां-बाप टेंशन में होते हैं, तब उनका जवाब होता है कि मैं जिंदगी में कुछ और करूंगी, जिससे मुझे खुशी मिलेगी। यही चीज रिलेशनशिप में भी होती है। आप बड़े खुशनसीब हो, अगर आपके पेरेंट्स आपको सपोर्ट करते हैं। अगर पेरेंट्स सपोर्टिव नहीं होते, तब लगता है कि आप और अकेले हो। लेकिन मैं बहुत खुशनसीब हूं कि मैंने लाइफ में जो भी कुछ किया है, मेरे पेरेंट्स सपोर्टिव रहे हैं।”

मां से ही मेरा अस्तित्व जुड़ा है: क्रांति प्रकाश झा
मदर्स डे पर मां के साथ यादगार अनुभव साझा करते हुए क्रांति प्रकाश झा ने कहा, मां से ही मेरा अस्तित्व जुड़ा है। ऐसा इंसान हूं कि दिन भर में माताजी को तीन बार फोन करता हूं। मां के बगैर जीवन चलता नहीं है। उनके साथ ऐसी बहुत सारी यादें हैं। एक बार स्वामी रामदेव का किरदार निभा रहा था। स्वामी रामदेव के गेटअप में था, पर लोग बहुत लाइक कर रहे थे। यह शो दिल्ली में एक स्टेडियम में लान्च हुआ था, तब वहां पर स्वामी रामदेव के फॉलोअर्स आए थे। तकरीबन 20 हजार लोग रहे होंगे। मैंने भी अपनी माताजी को बुलाया था। मंच पर बाबा रामदेव से लेकर मिनिस्टर तक बैठे थे। मंच पर बुलाकर मेरा भी स्वागत किया गया। उस समय सामने बैठी मां की आंखों में सपने पूरे होते देखा। उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे। यह बड़ी यादगार चीज है, जो मां के लिए कर पाया। मुझे अच्छा लगता है।”

पापा ही मेरे लिए मेरी मम्मी हैं: पायल घोष
मदर्स डे के अवसर पर मां से जुड़ी यादगार बात के बारे में पूछे जाने पर पायल घोष ने बताया, “मैं सात साल की थी, तब मेरी मम्मी का देहांत हो गया था। इसलिए मेरे पापा ही मेरे लिए मेरी मम्मी हैं। उन्होंने मम्मी-पापा, दोनों भूमिकाएं निभाई हैं। मेरे लिए सब कुछ मेरे पापा ही हैं। वे मुझे दिल-ओ-जान से ज्यादा प्यार करते हैं। यही वजह है कि मेरे पापा मुझे लेकर बहुत ज्यादा पजेसिव थे। यही वजह है कि मेरे लिए और ज्यादा रिस्ट्रिक्शन था, लेकिन प्यार बहुत करते थे। वे मुझे अपने सीने से लगाकर रखना चाहते थे। उनसे प्यार बहुत मिला है, इसलिए वे ही मेरे पापा और मम्मी भी हैं। उन्होंने कभी भी किसी भी चीज की कमी मुझे महसूस नहीं होने दी है।”

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