‘प्रोटीन’ करेगा आपकी केयर, फायदे जानकर हैरान हो जाएंगे आप

हम जो भी आहार रोज लेते हैं, उसमें अन्य पोषक तत्वों की तरह ही प्रोटीन (Protein) की भी संतुलित मात्रा का सेवन जरूरी है। ऐसा ना करने पर शरीर में प्रोटीन की कमी से कई तरह की समस्याएं ( Problem) हो सकती हैं। इनके बारे में आपको पता होना चाहिए। इन दिनों न्यूट्रीशनिस्ट, डाइटिशियन और डॉक्टर्स सभी कोरोना मरीजों, पोस्ट कोरोना केयर (Post Covid Care) के साथ ही इम्यूनिटी सिस्टम (Immunity System) को स्ट्रॉन्ग (Strong) रखने के लिए सामान्य लोगों को भी प्रोटीन के सेवन की खास हिदायत दे रहे हैं। प्रोटीन से सिर्फ मसल्स ही स्ट्रॉन्ग नहीं बनतें, बल्कि ओवरऑल हेल्थ भी दुरुस्त रहती है। प्रोटीन की कमी से तन और मन की हेल्थ को नुकसान पहुंच सकता है।

मूड स्विंग (Mood swing): डेली डाइट (Daily Diet) में प्रोटीन की मात्रा जरूरत के अनुसार सही ना रहने यानी कम होने पर मूड की अस्थिरता, चिड़चिड़ापन, उदासी और झुंझलाहट की समस्या हो सकती है। प्रोटीन हमारे शरीर के विभिन्न हार्मोंस और न्यूरोट्रांसमीटर्स का संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। प्रोटीन की कमी से सेरोटोनिन जैसे हैप्पी हार्मोंस (Happy Hormones)का लेवल कम हो सकता है।

नाखून, बाल और स्किन: हमारी स्किन, नाखून और बाल मूल रूप से प्रोटीन से ही बने होते हैं। इसलिए शरीर में प्रोटीन की कमी का असर उन पर भी पड़ना स्वाभाविक है। अगर प्रोटीन डिफिशिएंसी बढ़ जाए तो त्वचा रूखी होने, लाल होने और डिसपिगमेंटेशन की समस्या हो सकती है। बाल पतले होने और झड़ने की समस्या भी हो सकती है। नाखूनों में खुरदरापन आ सकता है। स्किन में सूजन आ सकती है। इसलिए अपने बॉडी वेट के अनुसार प्रति किलोग्राम पर एक से डेढ़ ग्राम प्रोटीन रोज जरूर लें।

क्रेविंग (Craving): हमारे शरीर को एक्टिव रहने और मेहनत करने के लिए पोषक तत्वों की अत्यधिक जरूरत होती है। अगर हम इसे समुचित पोषक तत्व नहीं देते तो ब्लड शुगर का लेवल गिरने लगता है, जिसकी वजह से क्विक फिक्स सॉल्यूशन के रूप में हम भूख लगने पर कचौरी, समोसा, भुजिया या पकोड़े जैसे नुकसानदायक फूड्स खा लेते हैं। इस स्थिति से बचने और ब्लड शुगर के लेवल को मेंटेन रखने के लिए हमेशा प्रोटीन रिच फूड्स लेते रहना चाहिए।

हड्डियों में कमजोरी (Reasons For Weak Bones): सर्वज्ञात है कि हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम आवश्यक तत्व है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हड्डियों (Bones) में घनत्व की 50 फीसदी मात्रा प्रोटीन की होती है। जाहिर है विटामिन डी और कैल्शियम के साथ-साथ प्रोटीन भी हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक है। बढ़ती उम्र में हड्डियों के घनत्व को सुरक्षित रखने में भी प्रोटीन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

वेट कंट्रोल (Weight Control Tips) : अच्छी तरह वर्कआउट करने और तले-भुने खाने से दूर रहने के बावजूद अगर आप वेट कंट्रोल करने में कामयाब ना हो पा रहे हैं तो आप अपनी डाइट में प्रोटीन की मात्रा पर जरूर ध्यान दें। सही मात्रा में प्रोटीन ना लेने से आपका शरीर मसल्स को रिपेयर नहीं कर पाता। इसका नतीजा यह होता है कि जब आप वर्कआउट (Workout) करते हैं तो आपकी फैट बर्न होने की वजह से मसल्स (Muscles) कमजोर पड़ने लगती हैं। कम प्रोटीन लेने से आपका एनर्जी लेवल भी गिरने लगता है। इस तरह समझा जा सकता है कि हमारी डेली डाइट में प्रोटीन की निश्चित मात्रा कितनी जरूरी है।

प्रोटीन के प्रमुख स्रोत

अब जब आपने जान लिया है कि शरीर के लिए प्रोटीन कितना महत्वपूर्ण है, ऐसे में आपको अपनी डेली डाइट में प्रोटीन को जरूर शामिल करना चाहिए। इसके लिए आप मीट, अंडे, चिकेन, मछली, दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स, दालें, सोयाबीन आदि का सेवन कर सकते हैं।

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