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‘जोगी’ की ‘माही’ बनना नहीं था अमनदीप सिद्धू के लिए आसान, बोलीं- ‘दुल्हन बनना है सबसे मुश्किल काम’

धारावाहिक ‘तेरी मेरी इक्क जिंदड़ी’ में अमनदीप सिद्धू अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने वाली माही का किरदार निभा रही हैं। जी टीवी पर चल रहे इस शो में अमनदीप पहली बार लीड रोल निभा रही हैं। ऐेसे में अमनदीप ने इसे लेकर अपना अनुभव साझा किया है।

माही बनने का अनुभव कैसा रहा?

काफी मजा आ रहा है। रोजाना नई माही निकल कर आ रही है। इस शो में मेरे कई ट्रैक बदल चुके हैं। शुरुआत में माही बहुत स्ट्रांग थी। फिर उसकी जिंदगी से परिवार, दोस्त और गाड़ी सब कुछ चला गया। वह ट्रैक बहुत इमोशनल था। अब मेरी शादी जोगी से हो गई है। (हंसते हुए) शादी के जोड़े से थक गई हूं। लहंगा बहुत ही भारी है। बहुत सारे गहने पहनने पड़ते हैं, लेकिन इसका अपना मजा भी है। दरअसल, मैं पहली बार ऑनस्क्रीन दुल्हन बनी हूं। इससे पहले मैंने कभी भी दुल्हन का रोल नहीं किया है। शो में पहली बार जब मेरी शादी हो रही थी तब मैं बहुत ज्यादा डर गई थी। समझ नहीं आ रहा था कि यह क्या हो रहा है। इतने सारे लोग हैं। इतने सारे गहने पहनने हैं, इतना भारी लहंगा पहनना है, लेकिन जब दोबारा शादी हुई तब थोड़ा सहज हो गई। हालांकि इस बार मैंने अपने आभूषण, मेकअप और लहंगा वगैरह थोड़ा हल्का ही रखवाया। सब कुछ भारी होने से उनका असर मेरी परफॉर्मेंस पर भी पड़ रहा था। बहरहाल, मेरा इनपुट बस इतना ही था कि हम जितना कुछ भी रखेंगे चाहे वह लहंगा हो, मेकअप हो, आभूषण हों, उसे थोड़ा क्लासिक दिखाएंगे।

लॉकडाउन खुलने के बाद आपने शो की शूटिंग शुरू की थी। महामारी के दौर में शूटिंग का अनुभव कैसा रहा?

हमारा पहला शो था, जो कोरोना की पहली लहर के बाद पहली बार आउटडोर शूट पर अमृतसर गया था। निश्चित रूप से शुरुआत में काफी दिक्कतें हुई थीं। बहुत सारी सावधानियां बरतनी पड़ी थीं। हम लोग खुद भी बहुत डरे हुए थे। आज भी हम लोग पूरी सावधानी और सतर्कता से शूट करते हैं। दरअसल, लॉकडाउन के बाद काम करना एक अलग अनुभव था, क्योंकि एक अंतराल के बाद हम काम कर रहे थे। उस पर से बहुत सारे नए दिशा निर्देशों का पालन करना था तो थोड़ा बहुत तनाव भी था ही सभी के ऊपर। अभी भी सेट पर सभी का रोजाना तापमान चेक होता है। सैनिटाइजर नियमित रूप से प्रयोग होता है। सेट पर मॉस्क पहनना अनिवार्य है। बस हम शूट के समय ही मास्क नहीं पहनते हैं। अभी तो इनका खासतौर पर ध्यान रखा जा रहा है, क्योंकि कोरोना के केस दोबारा तेजी से बढ़ रहे हैं। अगर किसी को हल्का सा भी बुखार होता है तो उसका कोरोना टेस्ट तुरंत करवाया जाता है।

पिछले एक साल को पीछे मुड़कर देखती हैं तो क्या पाती हैं?

पिछला साल मेरे लिए अच्छा रहा, मैं तो यही कहूंगी। जब आप अकेले रहते हैं तो खुद को ज्यादा बेहतर समझ पाते हैं। पहले ऐसा होता था, जो मिल गया या हाथ में आ गया वह सब अच्छा है, उससे मैं खुश हूं। लॉकडाउन के दौरान मैंने काफी सारी चीजें समझीं। परिवार और दोस्तों की अहमियत सबसे ज्यादा पता लगी। शायद सभी को यह सबसे ज्यादा पता लगा। अब यह लगता है कि परिवार होना चाहिए और दोस्तों से रोज बात करनी चाहिए। यह शो भी मुझे लॉकडाउन के दौरान ही ऑफर हुआ था। मेरे लिए तो काफी अच्छा रहा।

यह शो आपके कंधों पर है। अब आप लंबा सफर तय कर चुकी हैं। कैसा अनुभव रहा?

शुरुआत में तो बहुत ज्यादा समस्याएं हो रही थीं। जब शो शुरू हो रहा होता है तो बहुत तनाव होता है। सभी को आपसे बहुत ज्यादा उम्मीदें होती हैं। सबको पता होता है कि आप कर सकते हो। कारण, आपका सेलेक्शन हुआ है, लेकिन सबका नजरिया अलग होता है। पहले तो सबका नजरिया समझने में भी मुझे टाइम लगा कि वे चाहते क्या हैं। कौन क्या चाहता है? उसमें क्या नया कर सकते हैं? माही बनना आसान नहीं था। सबकी नजरों में माही कुछ न कुछ अलग जरूर थी। खैर, मैंने सबकी सुनी और उसी के मुताबिक माही में ढलने की कोशिश की। अब तो मैं समझ चुकी हूं कि माही किस सिचुएशन में किस तरीके से अपना रिएक्शन देगी। वही दर्शकों के दिमाग में बैठ चुका है कि माही ऐसे ही करेगी। अब मेरे लिए माही को समझना और निभाना बहुत आसान हो गया है।

महिलाओं के आत्मनिर्भर रहने को लेकर आपका क्या कहना है?

मम्मी ने मुझे बचपन से हमेशा यही सिखाया है कि आपको किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। चाहे वे आपके माता-पिता हों, आपका पति हो या आपका भाई ही क्यों न हो? ईश्वर ने आपको सही सलामत एक इंसान के तौर पर भेजा और हम आपको पढ़ा-लिखा रहे हैं। हम अपना समय और पैसा लगा रहे हैं तो हम अपनी बेटी को किसी के सामने हाथ फैलाते हुए नहीं देखना चाहते हैं। मेरी मां ने मुझे बचपन से आत्मनिर्भर बनना सिखाया है। उन्होंने हमेशा यही कहा कि तुम कभी किसी पर निर्भर मत रहना। मेरे हर फैसले में मम्मी मेरे साथ रहती हैं। आज के दौर में तो यह बहुत जरूरी है। वैसे भी लड़कियां तो मल्टीटास्कर होती हैं। वे घर-बाहर दोनों जगह का काम संभालती हैं। महिलाओं जैसा सुपरहीरो कोई और हो ही नहीं सकता है।

शादी को लेकर आपके क्या विचार हैं?

शादी सबको करनी चाहिए। मैं भी शादी करना चाहूंगी, लेकिन एक उम्र होती है, जब लगता है कि जिंदगी में जो करना था वह कर लिया है। सबसे जरूरी है कि आपको जो करना है, वो शादी के बाद भी न बदलें। शादी के बाद किसी की वजह से अपने फैसले न बदलने पड़ें।

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