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जब कोमा में चली गई थीं NARGIS, डॉक्टरों ने SUNILL DUTT को दी थी लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाने की सलाह।

3 मई, यही वो तारीख है जब आज से 40 साल पहले बॉलीवुड का वो सितारा हमेशा के लिए अस्त हो गया था जो हर दिल अज़ीज़ था। बात हो रही है हिन्दी सिनेमा की सबसे सफल, पॉपुलर और खूबसूरत अभिनेत्री के तौर पर पहचान बनानी वाली नरगिस दत्त(Nargis Dutt) की। लगभग तीन दशक तक नरगिस ने रुपहले पर्दे पर अपनी धाक जमाए रखी थी, और करोड़ों दिलों पर राज किया करती थीं।

आज नरगिस दत्त की पुण्यतिथी(Death Anniversary) है। 3 अप्रैल 1981 को नरगिस दत्त ने अंतिम सांस ली थी। नरगिस दत्त को पैनक्रियाज़ का कैंसर(Pancreatic cancer) का था। नरगिस के पति सुनील दत्त(Sunil Dutt) ने अपनी पत्नी को बचाने की भरपूर कोशिश की थी। जैसे वो बरसों पहले आग की लपटों से घिरी नरगिस को मौत के मुंह से निकालकर बाहर लाए थे, वह इस बार नरगिस को कैंसर के चंगुल से मुक्त करवाना चाहते थे।

लेकिन इलाज के दौरान एक वक्त तो ऐसा भी आया था, जब डॉक्टरों ने सुनील दत्त को सलाह(Advice) दे दी थी कि वह नरगिस का लाइफ सपोर्ट सिस्टम(Life Support System) बंद कर दें, ताकि उन्हें इस दर्द से मुक्ति मिल पाए और वह चैन की मौत मर सकें।

दरअसल, 2 अगस्त 1980 को राज्यसभा सेशन के दौरान नरगिस की तबियत अचानक खराब हो गई थी। उन्होने इलाज के लिए मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था। शुरुआती जांच में लग रहा था कि नरगिस को जॉइंडिस हुआ है। लेकिन 15 दिनों बाद जो रिपोर्ट सामने आई उसने दत्त परिवार के होश उड़ा दिये थे। नरगिस को पैनक्रियाज़ का कैंसर था।

नरगिस के कैंसर की पुष्टि होते ही सुनील दत्त ने देर नहीं की और वह उन्हें न्यूयॉर्क स्थित स्लोन कैटरिंग कैंसर सेंटर ले गए। इलाज के दौरान नरगिस की कीमोथेरेपी हुआ करती थी। इस दौरान नरगिस को काफी दर्द भी झेलना पड़ता था। कहा जाता है कि कभी-कभार तो नरगिस को इतना दर्द होता था कि वह तड़प उठती थीं>

नरगिस को इस हालत में दर्द में तड़पते देखना खुद सुनील दत्त के भी काफी दुखदायी हुआ करता था। लेकिन वह दिन रात यही दुआ करते थे कि किसी तरह से नरगिस ठीक हो जाएं। हांलाकि ऐसा मुमकिन नहीं था। इलाज के दौरान नगरिस कोमा में चली गई थीं। डॉक्टर्स जवाब दे चुके थे। तब ऐसा वक्त भी आया जब डॉक्टरों ने सुनील दत्त को सलाह दे दी कि वह नरगिस को लाइफ सपोर्ट सिस्टम से हटा दें, ताकि नरगिस को इस दर्द से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाए।

लेकिन तब सुनील दत्त ने ऐसा नहीं किया। उन्हें उम्मीद थी कि नरगिस कोमा से बाहर आएंगी, और ऐसा हुआ भी। कुछ दिन बाद ही नरगिस कोमा से बाहर आई थीं। तब उनके बेटे संजय दत्त की पहली फिल्म रॉकी रिलीज़ होने वाली थी। नरगिस 8 मई को होने वाले फिल्म के प्रीमियर में शामिल होना चाहती थीं। लेकिन उससे पहले ही उनकी तबियत एक बार फिर बिगड़ी। 2 मई को वो कोमा में चली गईं, और 3 मई को उन्होने दुनिया को अलविदा कह दिया।

‘रॉकी’ के प्रीमियर पर सुनील दत्त अपने हाथ में नरगिस की तस्वीर लिए संजय दत्त के साथ पहुंचे थे। वो नज़ारा देख हर किसी की आंखे फिर से भर आई थीं।

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