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किसी स्वर्ग से कम नहीं है दलाई लामा का 13 मंजिला घर, खासियत जानकर नहीं कर पाएंगे यकीन

पूरे विश्व में कई तरह के धर्म है और हर धर्म को मानने वाले लोग भी हैं लेकिन वहीं ये बात भी सच है कि इन धर्मों का अनुसरण कराने के लिए हर धर्म के अपने अपने गुरू हैं। जिसमें एक नामी धर्मगुरू हैं दलाई लामा। जी हां दलाईलामा तेनजिन ग्यात्सो अथवा ‘दलाई लामा’ तिब्बत के राष्ट्राध्यक्ष और आध्यात्मिक गुरु हैं। दलाई लामा को बौद्ध धर्म में अवलोकितेस्वर का अवतार माना जाता है और उन्हें करुणा का प्रतीक माना जाता है। वे ऐसे महापुरुष माने जाते हैं जिन्होंने मानवता के कल्याण के लिए परलोक का जीवन त्यागकर पुनः पृथ्वी पर जन्म लेने स्वीकार किया है। लामा का मतलब गुरु होता है।

दलाई लामा अपने लोगों को सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा देते हैं। वर्ष 1949 में तिब्बत पर चीन के हमले के बाद परमपावन दलाई लामा से कहा गया कि वह पूर्ण राजनीतिक सत्ता अपने हाथ में ले लें और उन्हें दलाई लामा का पद दे दिया गया। बौद्ध धर्म के अनुयायी दलाई लामा को एक रूपक की तरह देखते हैं। इन्हें करुणा के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। दूसरी तरफ इनके समर्थक अपने नेता के रूप में भी देखते हैं। दलाई लामा को मुख्य रूप से शिक्षक के तौर पर देखा जाता है। वर्ष 1950 में 15 वर्ष की आयु में दलाई लामा के रूप में तेनजिन ने तिब्बत की पूर्ण राजनीतिक सत्ता की जिम्मेदारी संभाली। हालांकि, उनकी सत्ता बहुत कम समय ही चल सकी।

बता दें कि जिस वक्त दलाई लामा अपना देश छोड़कर भारत आये थे, उस दौरान भारत के चीन के साथ संबंध काफी नाजुक स्थिति में थे। 1957 की गर्मियों में लद्दाख के लामा और सांसद कुशक बाकुला ने तिब्बत का दौरा किया था और देखा था कि किस तरह चीन सिक्यांग की तरफ सड़क आदि बनाने में जुटा है।

ये तो हो गई धर्मगुरु दलाई लामा के बारे में लेकिन आज हम आपको उनके घर के बारे में कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं जिसे शायद आप नहीं जानते होंगे। जी हां सबसे पहले तो आपको बता दें कि दलाई का घर महल जैसा है और उसमें एक हजार कमरे हैं। इतना ही नहीं वो 13 मंजिला है। आपको ये भी बता दें कि दलाई लामा के घर को पोटला पैलेस के नाम से जाना जाता है। इस महल जैसे घर को तिब्बती वास्तुकला से बनाया गया है। ये पूरा घर एक पहाड़ पर बना है जो 41 हैक्टेयर में फैला हुआ है। इस घर में 10 हजार मठ और दो लाख मूर्तियां रखी गई हैं।

जी हां और तो और आपको शायद ये नहीं पता होगा कि दलाई लामा के इस घर को देखने के लिए रोज सैकड़ों लोग आते हैं। हालांकि यहां पर एक दिन में 1600 लोगों को ही आने की मंजूरी मिल जाती है। पिछले साल एक करोड़ 37 लाख पर्यटक यहां पर दर्ज किए गए थे। इस महल का निर्माण 1945 में शुरू हुआ था।

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