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किसी ने नहीं ली सुध, बहुत ही खौफनाक थी परवीन बाबी की मौत, जानिए क्यों

70 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस परवीन बाबी की आज बर्थ एनिवर्सिरी है। उन्होंने अपने फ़िल्मी करियर में कई शानदार फिल्में दीं। 1976 से 80 के बीच वो बॉलीवुड की सबसे महंगी एक्ट्रेस में से एक थीं। इतनी फेमस एक्ट्रेस की मौत इतनी दर्दनाक थी लोगों को जानकर बहुत हैरानी हुई थी। लोगों को उनकी मौत की खबर दो दिन बाद मिली। 20 जनवरी, 2005 को उनकी मौत हो गई थी, मगर उनकी लाश को 22 जनवरी को उनके फ़्लैट से निकाला गया था। आज तक इस बात का खुलासा नहीं हो पाया कि परवीन ने आत्महत्या की थी या उनकी मौत हुई थी।

कहा जाता है कि बॉलीवुड की जिंदगी में जितनी चमक दिखती थी असलियत में वो उतनी ही अकेली थीं। मगर वह अपनी लव लाइफ को लेकर ऑस्कर चर्चा में रहती थीं। जानकारी के अनुसार उनका रिलेशन महेश भट्ट के अलावा डैनी और कबीर बेदी तीनों से रहा। मगर महेश भट्ट के साथ उनकी प्यार की कहानी का दर्दनाक अंत हुआ था।

उस वक्त परवीन अपने करियर के चरम पर थीं जब महेश भट्ट से उन्हें प्यार हो गया था। महेश भट्ट से पहले उनका अफेयर कबीर बेदी के साथ रहा। उसके बाद वो महेश भट्ट से प्यार करने लगीं मगर महेश शादीशुदा थे। मगर महेश अपनी पत्नी को छोड़कर परवीन के साथ लिव इन में थे। तब परवीन फिल्म ‘अमर-अकबर-एन्थॉनी’ और ’काला पत्थर’ की शूटिंग में व्यस्तथीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार परवीन घर पर महेश के लिए एक साधारण सी लड़की थीं। दो साल बाद 1979 में महेश भट्ट एक ऐसे सच का पता चला जिससे उनके होश उड़ गए। एक दिन जब महेश घर लौटे तो उन्होंने देखा कि परवीन घर के एक कोने में बैठी हैं, उनके हाथ में चाकू था। महेश को देखते हुए परवीन ने उन्हें चुप रहने का इशारा किया।

परवीन ने कहा, ‘बात मत करो, कमरे में कोई है। वो मुझे मारने की कोशिश कर रहे हैं।’ पहली बार परवीन ने ऐसा कुछ किया था जिससे महेश बहुत बुरी तरह से डर गए थे। महेश ने परवीन का ये रूप पहले कभी नहीं देखा था। फिर परवीन अक्सर ही ऐसी हरकतें करती थीं। डॉक्टरों के अनुसार उन्हें सिजोफ्रेनिया नाम की मानसिक बीमारी है। उस वक्त परवीन के पास कई फिल्में थीं। ये बात पता चलने पर निर्देशकों को भी फिल्म ठप हो जाने का डर सताने लगा था।

जिसके बाद महेश भट्ट उनका इलाज अच्छे डॉक्टर्स से करवाने लगे। डॉक्टर्स के अनुसार उन्हें ठीक करने के लिए इलेक्ट्रिक शॉक देने पड़ेंगे। मगर महेश भट्ट परवीन को इलेक्ट्रिक शॉक देने की इजाजत नहीं दी थी। इस दौरान उनके एक्स बॉयफ्रेंड कबीर बेदी और डैनी ने भी महेश भट्ट की बहुत ही सहायता की।

लेकिन परवीन बाबी के मन में यह डर था कि कोई उन्हें मारना चाहता है। कुछ वक्त बाद तो परवीन को लगने लगा था कि उनकी कार में बम रखा है, वो एसी की आवाज से भी डर जाती थीं। यहां तक कि उन्होंने अमिताभ बच्चन पर भी उन्हें मारने का आरोप लगाने लगी थीं। उनको लगता था कि बिग बी उन्हें मारना चाहते हैं। जिसके बाद उन्हें कमरे में ही बंद रखा जाने लगा। उन्हें मीडिया और पब्लिक की नजरों से भी दूर रखा गया।

इसी के बाद परवीन का वजन बहुत बढ़ गया था और उन्होंने अपनी खूबसूरती खो दी थी। जिसके बाद डॉक्टरों के पास उन्हें इलेक्ट्रिक शॉक देने के अलावा कोई और ऑप्शन नहीं बचा था। उसी दौरान महेश पर भी आरोप लगने लगे कि महेश ने परवीन का गलत इस्तेमाल किया। अपने लाभ के लिए परवीन के स्टारडम और रुतबे का प्रयोग किया। महेश भट्ट नहीं चाहते की परवीन बाबी ठीक हों।

परवीन की हालत बहुत नाजुक हो चुकी थी। परवीन ने दवाइयां खाना भी बंद कर दिया था। परवीन की ऐसी हालत की वजह से महेश को भी खाने और ड्रिंक में दवाई मिलाकर पीना पड़ता था। जिसके बाद महेश भट्ट परवीन को मुंबई से दूर बेंगलुरु लेकर चले गए। महेश चाहते थे की परवीन अलग माहौल में रहेंगी तो वो तनाव से दूर रहेंगी। उन्होंने सोचा कि शायद नया माहौल उन्हें ठीक कर दे।

मगर परवीन की हालत दिन पर दिन और ख़राब होती चली गई बाद में महेश परवीन को वहीं छोड़कर अपनी पत्नी लोरेन के पास वापस आ गए। डॉक्टर्स ने बताया था कि महेश के रहने से परवीन की हालत अधिक खराब रहती है। इसलिए उनका दूर रहना ही अच्छा था। फिर महेश ने फिल्म ‘अर्थ’ लिखनी शुरू की, जो उनकी जिंदगी की सच्चाई थी। इलाज कराने के बाद परवीन मुंबई वापस लौट आईं।

लेकिन परवीन के डॉक्टर नहीं चाहते थे कि महेश परवीन के आस-पास भी रहें। मगर परवीन महेश को छोड़ने को तैयार नहीं थीं। लेकिन महेश चाहते थे कि उनका इलाज बेहतर तरीके से हो। एक रात परवीन ने महेश से कहा कि वो उनमें और उनके डॉक्टर में से किसी एक को चुनें। महेश भट्ट के मुताबिक, ‘परवीन की ये हालत देखकर मैं समझ गया कि अब हमारे रिश्ते का अंत आ गया है।’ जिसके बाद आधी रात में ही महेश परवीन के घर से निकल गए। परवीन ने उन्हें रोकना चाहा, आधे कपड़ों में ही वो सड़क पर दौड़ पड़ीं, मगर महेश नहीं रुके। महेश उनके घर और जिंदगी से दूर जा चुके थे। इसीलिए कहा जाता है कि ग्लैमर की जिंदगी जीने वाली परवीन का अंतिम समय में अंधेरे, तन्हाई और तनाव में गुजरा।

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